हैदराबाद, भारत की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी (Maruti Suzuki) अब उड़ने वाली कार बनाने की तैयारी में है। जिसका पहला मॉडल साल 2025 तक लॉन्च हो जाएगा। मजे की बात ये कि इसके लिए किसी तरह के हेलीपैड की दरकार नहीं होगी, आप घर की छत पर ही कार को पार्क कर सकेंगे और वहीं से उड़ते हुए सड़क या फिर हवाई सफर का आनंद ले सकेंगे। हालांकि इस तरह की कार के प्रचलन के बाद सरकार नए ट्रैफिक रेगुलेशन्स ला सकती है।
जानकारी के मुताबिक इस कार के लॉन्चिंग मॉडल में पायलट के अलावा तीन लोगों के बैठने की जगह दी गई है। मतलब ये कि ड्राइवर के साथ तीन लोग इस कार की सवारी का आनंद ले सकेगा। मारुति सुजुकी अपनी पेरेंट कंपनी सुजुकी मोटर कॉर्पोरेशन (SMC) के साथ मिलकर फ्लाइंग इलेक्ट्रिक कार बनाने के प्रोजेक्ट पर काम कर रही है। इस फ्लाइंग कार को बिजली से चार्ज किया जा सकेगा। साथ ही इसे इलेक्ट्रिक एयर कॉप्टर का नाम भी दिया जा रहा है। जिसे आप घर की छत पर भी लैंड करा सकते हैं।
SMCL में ग्लोबल ऑटोमोबाइल प्लानिंग डिपार्टमेंट के असिस्टेंट मैनेजर केंटो ओगुरा के मुताबिक इस कार को बनाने में जापानी स्टार्टअप स्काईड्राइव का भी सहयोग लिया जा रहा है। हालांकि इसका पक्के तौर पर नामकरण नहीं हुआ है, लेकिन सुझाव है कि इसे स्काईड्राइव नाम दिया जाना चाहिए।
ये इलेक्ट्रिक एयर कॉप्टर यानी फ्लाइंग कार ड्रोन के आकर से बड़ी होगी। जबकि पारंपरिक हेलिकॉप्टर से छोटी और हल्की होगी ताकि इसके लिए अलग से हेलीपैड बनाने की जरूरत नहीं पड़े। पायलट के अलावा तीन लोगों के बैठने की जगह दी गई है। साथ ही शहरी इस्तेमाल के लिहाज से इसे सहज बनाया जा रहा है।
अगर ये फ्लाइंग कार लोकप्रिय होती है तो ओला और उबर की तरह इसकी टैक्सी सर्विस प्रोवाइडर कंपनियां भी बाजार में उतरेंगी। अच्छी बात ये कि इस कार के इस्तेमाल से आप ट्रैफिक झंझटों से मुक्त होंगे। साथ ही खराब रास्तों को आप उड़कर पार कर सकेंगे।
फ्लाइंग कार की मैनुफैक्चरिंग कहां होगी?
आम भारतीयों को ये जानकर खुशी होगी कि इस कार के निर्माण की प्लानिंग भारत में ही हो रही है। ओगुरा के मुताबिक, ‘अभी तक कोई निश्चित समयसीमा नहीं है, हालांकि भारत में निर्माण करना उचित है। इसके लिए एविएशन रेगुलेटर DGCA के अधिकारियों से बात की जा रही है। अगर हम मेक इंन इंडिया के तहत यहां आते हैं, तो फ्लाइंग कार निश्चित रूप से यहां सस्ती होगी।’
फ्लाइंग कार की मांग कहां होगी सबसे ज्यादा?
ओगुरा ने कहा, ‘मोटर और रोटर्स की 12 यूनिट के साथ इसे जापान में 2025 ओसाका एक्सपो में लॉन्च किए जाने की उम्मीद है। सबसे पहले ये फ्लाइंग कार जापान और अमेरिकी मार्केट में बिक्री के लिए उपलब्ध होगी। इसके बाद ‘मेक इन इंडिया’ के तहत इसे भारत में बेचे जाने की प्लानिंग है। हम भारत में कस्टमर्स और पार्टनर्स की तलाश के लिए मार्केट रिसर्च कर रहे हैं।’
पारंपरिक हेलिकॉप्टर की तुलना में कैसी होगी फ्लाइंग कार
माना जाता है कि इस एयर कॉप्टर का वजन पारंपरिक हेलिकॉप्टर के वजन से करीब आधा होगा। हल्की होने के कारण इसे घरों की छतों से ही टेकऑफ और लैंडिंग कराई जा सकती है। चूंकि फ्लाइंग कार बिजली से चलेगी लिहाजा इसमें काफी कम पार्ट्स लगे होंगे। इसके निर्माण लागत और रखरखाव के कम खर्चे को भी ध्यान में रखा जा रहा है।
कितनी दूर उड़ान भर सकेगी फ्लाइंग कार?
कंपनी के मुताबिक शुरुआती मॉडल की कार महज 15 किलोमीटर की उड़ान भर सकेगी। हालांकि 2029 तक योजना है कि इसकी रेंज तीस किलोमीटर तक कर दी जाए। साथ ही टेक्नोलॉजिकल अडवांस्डमेंट के साथ इसे चालीस किलोमीटर तक भी एक बार में उड़ाया जा सकेगा, हालांकि इसमें काफी वक्त लगेगा।
- विजय कुमार













