सऊदी अरब की राजधानी रियाद में दुनिया की सबसे बड़ी बिल्डिंग का निर्माण हो रहा है। इसका नाम ‘मुकाब’ रखा गया है। यह रियाद में बन रहे नए हाईटेक सिटी ‘मुरब्बा’ का हिस्सा होगी। इस इमारत के अंदर होटल, ऑफिसेस सहित कई हाईटेक सुविधाएं होंगी। इतना ही नहीं यह बिल्डिंग इतनी बड़ी होगी कि इसमें एम्पायर स्टेट जैसी 20 बिल्डिंग समा सकती हैं। इसको बनाने में कुल 50 बिलियन डॉलर खर्च होगा।
900 वर्कर इसको बनाने में जुटे
इसके निर्माण के लिए ग्राउंड वर्क का काम करीब 86 फीसदी पूरा हो चुका है। इसके निर्माण का जिम्मा न्यू मुरब्बा डेवलपमेंट कंपनी के पास है। इसकी फंडिंग सऊदी अरब के केंद्रीय सार्वजनिक निवेश कोष (PIF) ने की है। कुल 900 वर्कर इसको बनाने में जुटे हैं, खबर के मुताबिक साल 2030 में इसका निर्माण पूरा हो जाएगा।
यूनिवर्सिटी, इमर्सिव थिएटर और एंटरटेनमेंट की सुविधाएं होंगी
यह परियोजना आधुनिक नजदी वास्तुकला शैली से प्रेरित है। यह इमारत ऐसी होगी कि किसी भी बिंदु से 15 मिनट की पैदल दूरी के भीतर ग्रीन एरिया उपलब्ध होगा। इसमें पैदल चलने के लिए हरा-भरा क्षेत्र होगा। साइकिल के लिए अगल से रास्ते, इसके साथ ही यूनिवर्सिटी, इमर्सिव थिएटर और एंटरटेनमेंट की सुविधाएं होंगी।
रोजगार के नए अवसर बनेंगे
क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने पिछले साल अपने महत्वाकांक्षी सऊदी विजन 2030 के एक हिस्से के तौर इस परियोजना की घोषणा की थी। सऊदी अरब इस परियोजना के जरिए अपनी अर्थव्यवस्था को तेजी से आगे बढ़ाना चाहते हैं। इससे सऊदी अरब में रोजगार के नए अवसर बनेंगे।
क्या कहते हैं आलोचक?
एक तरफ जहां इसके निर्माण में सकार काफी खर्च कर, यह बता रही है कि इससे देश में रोजगार के नए अवसर आएंगे, वहीं दूसरी तरफ इतनी बड़ी इमारत बनाने को लेकर आलोचना भी शुरू हो गई है। आलोचकों को कहना है कि यह इमारत मुस्लिमों के पवित्र शहर काबा की तरह दिखती है। वहीं मानवाधिकार समूहों ने निर्माण के चलते स्थानीय लोगों के विस्थापन और प्रवासी श्रमिकों के शोषण को लेकर चिंता जाहिर की है।
Shashi Rai