केंद्र सरकार एक नई यूनिवर्सल पेंशन स्कीम लाने की तैयारी कर रही है, जिसका उद्देश्य देश के सभी नागरिकों को पेंशन का लाभ देना है। यह स्कीम खासतौर पर उन लोगों को ध्यान में रखकर बनाई जाएगी, जो गैर-संगठित क्षेत्र में काम करते हैं, जैसे कि कंस्ट्रक्शन साइट पर काम करने वाले लोग, घरेलू स्टाफ, और गिग वर्कर्स (जिन्हें अस्थाई या प्रोजेक्ट आधारित काम मिलता है)। बता दें, अभी तक इन वर्गों के लोगों को सरकार की किसी पेंशन स्कीम का लाभ नहीं मिलता है, लेकिन इस नई स्कीम से इन्हें भी फायदा मिलेगा।
क्या है इस यूनिवर्सल पेंशन स्कीम का उद्देश्य?
इस स्कीम का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सभी वेतनभोगी कर्मचारी और स्व-रोजगार (self-employed) करने वाले लोग एक पेंशन स्कीम से जुड़ सकें। सरकार इस स्कीम को लागू करने के लिए प्रपोजल डॉक्यूमेंट्स तैयार कर रही है, और इसके बाद स्टेकहोल्डर्स से सुझाव लिए जाएंगे।
मौजूदा पेंशन स्कीम्स से कैसे अलग होगी यह स्कीम?
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह नई यूनिवर्सल पेंशन स्कीम मौजूदा एंप्लॉय प्रोविडेंट फंड (EPF) जैसी स्कीम्स से अलग होगी। इसमें सरकार कई तरह की पेंशन स्कीम्स को मिलाकर एक नया और यूनिवर्सल विकल्प तैयार करेगी। यह एक स्वैच्छिक (voluntary) योजना होगी, जिसका मतलब है कि कोई भी नागरिक इसे अपनी इच्छा से चुन सकता है। इसका उद्देश्य लोगों को एक सुरक्षित और स्थिर भविष्य की ओर मार्गदर्शन करना है, ताकि वे बुजुर्ग होने पर आर्थिक परेशानी से बच सकें।
क्या होगा नेशनल पेंशन स्कीम (NPS) का?
अगर यह यूनिवर्सल पेंशन स्कीम लागू होती है, तो इसका नेशनल पेंशन स्कीम (NPS) पर कोई असर नहीं पड़ेगा। इसका मतलब है कि NPS अपनी जगह बना रहेगा और यूनिवर्सल पेंशन स्कीम एक अलग योजना के रूप में काम करेगी। NPS और यूनिवर्सल पेंशन स्कीम दोनों का उद्देश्य अलग-अलग है, और दोनों को एक साथ चलाया जाएगा।
मौजूदा पेंशन स्कीम्स:
भारत में अब तक कुछ पेंशन योजनाएँ चल रही हैं, जो खासतौर पर गैर संगठित क्षेत्रों के लोगों के लिए हैं:
जैसे कि अटल पेंशन योजना इसके तहत, 60 साल की उम्र के बाद एक व्यक्ति को हर महीने 1,000 रुपए से लेकर 1,500 रुपए तक का पेंशन मिलता है। यह योजना उन लोगों के लिए है, जो नियमित रूप से कमाई नहीं करते, जैसे कि असंगठित क्षेत्र के श्रमिक।
प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना (PM-SYM): यह रेहड़ी-पटरी वालों, घरेलू कामगारों, और मजदूरों के लिए है। इसमें सरकार इन लोगों को फाइनेंशियल असिस्टेंस देती है, यानी उनकी मदद करती है ताकि उनका जीवन स्तर बेहतर हो सके और उन्हें पेंशन मिल सके।
प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना जो किसानों के लिए है। इसमें जब कोई किसान 60 साल का हो जाता है, तो उसे सरकार हर महीने 3,000 रुपए की मदद देती है, ताकि उसके जीवन की अंतिम उम्र में उसे आर्थिक मदद मिल सके।
कुल मिलाकर केंद्र सरकार की योजना है कि सभी नागरिकों को एक समान सुरक्षित पेंशन विकल्प मिले, जो उनको आर्थिक रूप से सक्षम बना सके। यह यूनिवर्सल पेंशन स्कीम खासतौर पर असंगठित क्षेत्र के कर्मचारियों और स्व-रोजगार करने वाले लोगों के लिए बहुत फायदेमंद साबित हो सकती है। हालांकि, यह योजना NPS और अन्य मौजूदा पेंशन योजनाओं के साथ ही काम करेगी, और उन्हें खत्म नहीं करेगी।
Shashi Rai